रामराज्य पर
प्रतिरोध
आज सुबह नींद खुलते ही
............................आत्मविश्वास में कमी महसूस होने लगी थी , लगा अब धंधा
बदलने का समय आ गया है ठीक उसी तरह जैसे शाहजहाँ को जेल के बंद कमरे में आपने मुग़ल
साम्राज्य के पतन का अहसास होने लगा था |
सुबह उठा तो मूड
ख़राब था ही ,तम्बाकू मलते हुए ‘’सुभास चाय दुकान ‘’ पंहुचा | बेंच पर बैठकर वहीं शून्य
में देखते हुए खो गया तभी ‘बदरू मियाँ’ ने आकर दातुन चबाते हुए मेरी तन्द्रा भंग
की – ‘’क्या बात है बड़े उदास लग रहे हैं ‘लड्डू’ जी ?‘’
एक झटके से मैंने
चेतनाग्रहण की और गुस्से में तम्बाकू की ताल ठोकते हुए उसे मुहँ में झोंका और कहा –
‘’ लगता है बदरू जी अब हमारा धंधा चौपट होने वाला है ‘’, मैंने गंभीरतापूर्वक कहा
‘’ आप जानते हैं की सुबह के सपने सच होते हैं और मैंने अभी कुछ देर पहले एक बहुत
बुरा सपना देखा है |‘
बदरू मियाँ इसे सामान्य बात
समझते हुए दातुन को मुहँ में भीतर तक ठूंसते हुए पूछा – ‘’ऐसा क्या देख लिया ?’’
तब मैंने अपनी चिंता का कारण बताते हुए अपने सपने के बारे में बताया की –
‘’मैंने सपने में देखा की
मैं s .k .m .u दुमका के दीक्षांत समारोह में स्टेज पर खड़ा हूँ पिछले माह जमा की
गई व्यांग्शास्त्र की रिसर्च थीसिस पर मुझे डॉक्टरेट की उपाधि से कुलपति के हांथो नवाजा
जा रहा है | उनके बगल में बराक ओबामा , प्रो .यशपाल , मनमोहन सिंह , जी खड़े हैं | ओबामा अपने भाषण में कह
रहे हैं की -‘’ मुझे अत्यंत ख़ुशी हो रही है की ‘दुमका वि .वि ‘ दुनियांभर के शीर्ष
विश्वविद्यालय में शामिल हो गया है |’’
तभी अपने –आप को मैं s .p
.कॉलेज में खड़ा पता हूँ – क्या देखता हूँ की सभी कक्षा में छात्र शांतिपूर्ण ढंग
से बैठे हैं और रोज कक्षा चल रही है | सभी शिक्षक बयोमात्रिक सिस्टम पर हाजरी बनाते हैं | NAAC द्वारा A ++ का
सर्टिफिकेट मिला हुआ है | विश्वविद्यालय का साईट नियमित अपडेट हो रहे हैं | एक छात्र का अंकपत्र में
p.g का सत्र और रिजल्ट देखकर चौका, सत्र था 2010 -12 और मार्च 2012 में अंकपत्र भी मिला हुआ था |
फिर पता चला की एक भी विभाग
खाली नहीं है | स्नातक 3 वर्ष में ही पूरा हुआ जा रहा है | विश्वविद्यालय का अपना दिग्घी स्थित परिसर पाँच
सितारा होटलों की तरह चमचमा रहा है |मैन गेट शीशा का है | विदेशी सैलानी ताजमहल देखने के बाद सीधा दुमका
एयरपोर्ट पर उतारते हैं और यूनिवर्सिटी कैम्पस में ‘एडमिशन बोर्ड’ देखते हुए नजर आते हैं | एंटी – रैगिंग सेल 24 *7
काम कर रहा है | शिक्षकेतर कर्मचारियों को सातवे वेतनमान पर वेतन मिल रहा है. शिक्षक क्लास
लेते –लेते परेशान हैं और अपनी बदकिस्मती को कोस रहे हैं | ‘ छात्र संघ ‘ और ’
स्कुमुस्ता ‘ के कार्यकर्ताओ को मुद्दा ढूंढे नहीं मिल रहा है , वे काँग्रेस
प्रवक्ता ‘दिग्विजय जी ’ को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं |
कहने का मतलब की पूरा ‘’रामराज्य’’ विश्वविद्यालय में चल रहा है | ’’
और बस बदरू मियाँ इसी बात से लग रहा है की अपने जैसे स्वघोषित व्यंगकारो का
धंधा-पानी ख़त्म होने का समय आ गया है |
पूरे रामराज्य का वर्णन सुनकर उनके चेहरे पर संतोष व प्रस्सनता की एक लकीर उभर
गई और चहककर दातुन की कूची बाहर निकालकर लम्बी पीक गुमटी के पीछे तक पहुँचाते हुए
पूछा – ‘’आमा ,ये तो बड़ी अच्छी बात है आपको तो खुश होना चाहिए लड्डू जी ?’’
उनकी नासमझी और भोलेपन पर तरस खाते हुए आँखे तरेर कर उनकी तरफ देखा और कहा –
‘’ आप भी कमाल करते हैं बदरू जी जबकि आप भी जानते हैं की इसी नक्कारखाने की
जुगलबंदी से हमारी रोजी –रोटी चलती है | विपक्ष वाले मीन –मेख निकालने के लिए ही हमें
पैसे देते हैं हम जैसे छुट -भय्ये व्यंगकारो को | अगर यह ‘रामराज्य’ विश्वविद्यालय में स्थापित
हो जाय तो हम क्या ‘घंटा बजाएँगे’ ? एक तो बड़ी मुश्किल से अख़बार , पत्रिका ,
फेसबुकया मंच पर जगह मिलती है उसपर अगर यह सपना सच हो गया तो क्या मैं ‘’झंडू बाम
‘’ पर आलेख लिखूँगा ? अरे ,नफरत है रामराज्य से मुझे | दुआ कीजये की इस ‘’झामुमो
राज्य’’ में और पतन हो | 5 -10 साल लग जाये
M.A ,B.A करते –करते , बाल पक जाये रिसर्च जमा करते –करते , जवानी बीत जाये
ग्रेजुएशन में ,ताकि प्रतियोगिताओं में भीड़ न बढे और हम जैसे लेखकों को कलम घिसने
की विषयवस्तु मिलती रहे |
बदरू मियाँ इतने ध्यानपूर्वक बातों को
समझकर उठे लगा जैसे मैंने रामायण का सार
उन्हें कह दिया | उन्होने दातुन फेककर ,
मुंह पर पानी का छीटा मारा ,एक जोरदार गरारा करके कुल्ला किया और घबराते हुए चलते
बने .
--- गंगेश गुंजन , गोड्डा

